Friday, 25 January 2019

ये मौहब्बत की दुनिया है

आँखों से पोंछने से लगा आँच का पता ,, 
यूँ चेहरा फेर लेने से छुपता नहीं धुआँ ,, 
 आँखों से आँसुओं के मरासिम पुराने हैं ,, 
मेहमान ये घर में आयें तो चुभता नहीं धुआँ ,,


"ये मौहब्बत की दुनिया है,, जनाब,,,,,,, ❤
 हां सवेरा सूरज से नहीं 
 किसी के पी सी में गुड मॉर्निंग आने से होता है,, 🌹🌹


अगर मोहब्बत का मतलब सिर्फ पा लेना होता 
तो श्याम सिर्फ श्याम होते #राधेश्याम नही☺ ..

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