Wednesday, 16 January 2019

Hindi-sahayri-post-9

मेरी आँखो से मोहब्बत खत्म न हुई
उसने दगा करना शुरू कर दिया 
मेरा इज़हार एे इश्क शुरू न हुआ 
उन्होने सरे आम किसीको ताकना शुरू कर दिया 
मेनेे वफ़ा के किस्से अपने अब तक शुरू न किये 
उन्होंने हमे ही बेवफा होने का इल्जाम लगा 

यू तो हमे सफाई देने की आदत नही है
यू तो , हमे सफाई देने की आदत नही है
फिर भी इतना कहना चाहते है
तुम ताकीद में थे कि कब मौका मिले
हमने बस एक बार कहा छोड़ दो
तुमने सब रिश्ते तोड़ डाले

नही जाना था तुज़से दूर मजबूर थे
पर हमें  नही तोड़ना था दिल तुम्हारा मजबूर थे
पर हम हा मजबूर इतने थे कि
जान देदे पर तेरे प्यार ने ज़िंदा रहने की वजह दे दी

जब तेरी याद आती थी
दिल जोर से धड़क उठता था
बार बार तुझे याद करने को जी चाहता था
 अब जब तुझे याद ना करना चाहु
तब भी तू याद आती है
जब भी याद आती है
मुझे भिगोकर चली जाती है
 अब जब भी तेरी याद आएगी
कभी लबो पे हँसी और आंखों में प्यार नही होगा
होगी तो बस रुसवाई बस रुसवाई

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