Wednesday, 30 January 2019

महोंबत का सलीका कुछ-love-sahayari

जुनून था हमें किसी के दिल में रहने का 
 नतीजा ये आया के हम दिलजले हो गए.


महोंबत का सलीका कुछ अलग था उनका 
पर छोड़ कर जाने का क्या मतलब था उनका


लिखने की चाहत ..
फिर से ले आती है.. 
तेरे करीब...!! 
 लफ्जों की तलाश... 
ढूँढ लेती है ..
पता तेरा...!!🌹


जाने वाले ने देर ना लगाई 
हमारे हिस्से  
उसकी जुदाई ही बस आई

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