Monday, 7 January 2019

Sahayri-post-3

Sahayri-post-3

"धीरे धीरे सब दूर होते गए वक़्त के आगे मजबूर होते गए 
हमने इश्क़ में ऐसी चोट खाई,हम बेवफा और वो बेक़सूर होते गए 
भर आईं ये आँखें जब उनका नाम आया 
इश्क़ नाकाम ही सही लेकिन मेरे बहुत काम आया 
हमने गुजारी मोहब्बत में ऐसी भी रातें 
जब तक आंशू न आये तब तक आराम न आया 
अगर वो करती है नजरअंदाज तो बुरा मत मान ये दिल 
टूट कर चाहने वालों को सताना तो रिवाज़ है मोहब्बत का 
तुमने वादे तो ज़िन्दगी में साथ निभाने के किये थे 
आज हम रूठ गए तो हमें मानाने तक नहीं आये "



"तेरे आने के बाद मेरी ज़िन्दगी कुछ बदल सी गयी 
खुशियां बढ़ी और आखों से नमी काम हो गयी 
तुझे नहीं पता मेरी जान तू मेरे लिए क्या है 
पहले ज़रुरत फिर  मेरी आदत और अब मेरी ज़िन्दगी  बन गयी 
अपने दिल से कह दो के किसी और से प्यार न करे 
ममैं एक ही काफी हूँ तुम्हे प्यार करने के लिए 
तुझसे लड़ना तो बस एक बहाना है 
असल में मुझे तो तेरे साथ वक़्त बिताना है 
एक बात कहूं मानोगे 
मेरे बोलने पर भी मुझे कभी छोड़ के मत जाना 
क्यूंकि मेरी ज़िन्दगी में तुम्हारे जैसा कोई नहीं "


"एक लड़की थी वो अपने बॉयफ्रेंड से बहुत प्यार करती थी 
एक दिन उसने अपने बॉयफ्रेंड से शर्त लगाई और कहा की 
तुम मेरे बिन एक दिन रह के दिखाओ 
बॉयफ्रेंड ने गर्लफ्रेंड के बिना एक दिन बिताया 
और वो जीत गया 
दूसरे दिन वो ख़ुशी से अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने गया 
लेकिन वो मर चुकी थी उसे कैंसर था 
और उसके पास एक दिन ही था 
बूत उसने एक लेटर में लिखा थे के तुम जीत गए 
और तुम्हे ऐसा हर रोज करना होगा 
कभी भी एक शर्त के लिए अपनों से दूर मत होना 
क्यूंकि ज़िन्दगी मौका काम धोखा ज़यादा देती है "


"ठुकरा के मेरी मोहब्बत को कहाँ जाने का इरादा है 
मुझे ज़िन्दगी के किस मोड़ पे ले  इरादा है 
ये जो खफा खफा से रहने लगे हो तुम 
ये मोहब्बत का नया अंदाज़ है 
या मुझे छोड़ के जाने का इरादा है 
जाते जाते बस इतना बता देना 
मेरी जान की मेरे प्यार में कमी थी  या 
किसी और से दिल लगाने का इरादा है 
मोहब्बत तो मैंने की थी ,दिमाग तूने लगा दिए 
दिल तोड़ दिया मेरा और इल्जाम मुझपे लगा दिए 
चल मान लिया मैंने के मुझे मोहब्बत करनी नहीं आती 
लेकिन तू तो ये बता के तूने बेवफाई कहाँ से सीखी "

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