Monday, 4 February 2019

मैंने अपनी ग़ज़ल को दुल्हन सा सजाया है

मैंने अपनी ग़ज़ल को 
दुल्हन सा सजाया है... 
 तुम भी अपनी शायरी की 
बारात लाओ ना..