Wednesday, 20 March 2019

love shayari

love shayari

झूठ से मुझे परहेज नहीं 
पर कैसे कहूँ 
तुझ से मुझे इश्क नहीं 

पता है मेरे नसीब में तू नहीं
पर कैसे कहूँ
तुझ से मुझे इश्क नहीं

वाकिफ हूँ मेरी खता से 
और तेरी वफ़ा से 
पर कैसे कहूँ
तुझ से मुझे इश्क नहीं 

दिल का मामला है 
कोई दिल्ल्गी नहीं 
फिर कैसे कहूं 
तुझ से मुझे इश्क नहीं  

No comments:

Post a Comment